उच्च उत्पादन • अधिक दाने • बेहतर मुनाफा
1. उच्च उपज क्षमता
अधिक बालियाँ, अधिक दाने, बेहतर उत्पादन।
2. मजबूत एवं स्वस्थ पौधा
रोगों से अधिक सहनशील, मजबूत तना, गिरने की संभावना कम।
3. बेहतर दाना गुणवत्ता
मोटे एवं चमकदार दाने, उच्च बाजार मूल्य।
| विशेषता | विवरण |
|---|---|
| फसल की समय अवधि | 120 से 125 दिन |
| पौधे की औसत ऊँचाई | 90 से 95 सेमी |
| कल्लों की संख्या | कल्लों की संख्या अधिक |
| बीमारियों के प्रति सहनशीलता | पीली, रतुआ (मेलोरस्ट) के प्रति अधिक सहनशील |
| दानों का प्रकार | मध्यम लंबे एवं मध्यम मोटे, सुडौल |
| दानों का वजन (1000 दाने) | 55 ग्राम |
| उपज क्षमता | 30 से 32 क्विंटल प्रति एकड़ |
| विशेष गुण | कम ऊँचे व मजबूत कल्लों के कारण फसल गिरने की समस्या नहीं होती। अधिक दाने वाली बड़ी आकर्षक बालियाँ। |
| बीज दर | 45 से 50 किलोग्राम प्रति एकड़ |
| बुआई का समय | 15 नवंबर से 25 दिसंबर तक |
अधिक उपज और अधिक मुनाफा।
रोगों से बेहतर सुरक्षा।
बेहतर दाना गुणवत्ता एवं उच्च बाजार मूल्य।
किसान की पहली पसंद, भरोसे का नाम।
बुआई के पूर्व बीज के अंकुरण क्षमता की जाँच अवश्य कर लेनी चाहिए।
नोट: बुआई से पहले खेत को अच्छी तरह तैयार करें एवं संतुलित खाद का प्रयोग करें।
उपयुक्त क्षेत्र: उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, मध्य प्रदेश, दिल्ली एवं छत्तीसगढ़ इत्यादि।
किसान की समृद्धि, देश की प्रगति।